गुरुवार, जनवरी 21, 2010

अपने विकास के लिए भारत की ओर निहार रहा है इंग्लैण्ड

भारतीय संस्कृति, सभ्यता और इस पर आधारित कालजयी अर्थव्यवस्था एवं भारतीयों की उच्चकोटि की प्रतिभा ने दुनिया में अपना लोहा मनवाया है। शायद यही कारण है कि सैकड़ों वर्षों तक भारत पर साम्राज्यवाद की छड़ी घुमाने वाला इंग्लैण्ड आज अपने विकास के लिए भारत की ओर देख रहा है।

अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत और भारतीयों के बढ़ते प्रभाव के कारण ही इंग्लैण्ड के प्रधानमंत्री श्री गार्डन ब्राऊन को यह कहना पड़ा है कि भारत और भारतीय समुदाय के लोगों के योगदान के बिना इंग्लैण्ड अपने मुकाम पर कायम नहीं रह सकेगा। उन्होंने कहा है कि इंग्लैण्ड की प्रगति में भारतीयों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। भारत के साथ ठोस संबंध आधुनिक इंग्लैण्ड के लिए आवश्यक है।

श्री ब्राउन ने भारतीय गणतंत्र की 61वीं वर्षगांठ के अवसर पर इंग्लैण्ड की प्रमुख पत्रिका “एशियन लाइट” के गणतंत्र दिवस विशेषांक के लिए लिखे अपने एक लेख में कहा है कि 21वीं सदी में इंग्लैण्ड और भारत के बीच बराबरी की साझेदारी के रूप में ऐतिहासिक संबंध और प्रगाढ़ होंगे।

श्री ब्राऊन ने लिखा है कि आश्चर्यजनक गति से परिवर्तन, गतिशीलता और बड़ा करने की क्षमता ही सभी भारतीयों की पहचान है। भारत का आजादी के लिए लंबा सफर अब एक तेज सफर के रूप में तब्दील होकर संपन्नता की ओर उन्मुख है।

उन्होंने लिखा है कि भारत के संविधान अंगीकार करने और इंग्लैण्ड उपनिवेश से गणराज्य बनने के साठ वर्ष पूरे हो रहे हैं। भारत के साथ अपने मजबूत संबंधों और भारतीय समुदाय के लोगों के योगदान के बिना इंग्लैण्ड अपने मुकाम पर कायम नहीं रह सकेगा।

इंग्लैण्ड के प्रधानमंत्री ने लिखा है कि कई वर्षों से हमारी लोक सेवाओं, पेशों, कारोबार और सांस्कृतिक एवं रचनात्मक उद्योगों को भारतीय समुदाय उन्नत बनाता रहा है, इसलिए इंग्लैण्ड-भारत संबंध हमारी साझी संपन्नता का केंद्र है और भारतीय मूल के लोग यहां आधुनिक इंग्लैण्ड समाज के अभिन्न अंग हैं।

दस डाऊनिंग स्ट्रीट पर दीवाली के आयोजन की याद ताजा करते हुए श्री ब्राउन ने लिखा है कि इंग्लैण्ड में रहने वाले भारतीय मूल के जानेमाने लोगों से उनकी बातचीत उन्हें दुनिया के सबसे पुराने लोकतंत्र और दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के बीच गहरी दोस्ती और सम्मान का स्मरण कराती है।

उन्होंने कहा कि इंग्लैण्ड और भारत, अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद, जलवायु परिवर्तन और परमाणु प्रसार जैसे प्रमुख मुद्दों का साथ मिलकर मुकाबला करते रहे हैं।

सहस्राब्दि विकास लक्ष्यों की सफलता के लिए श्री ब्राऊन ने कहा है कि अगले वर्ष इंग्लैण्ड 82.5 करोड़ पौंड मुहैया कराएगा, जिसमें से करीब 50 करोड़ पौंड की राशि भारत में स्वास्थ्य और शिक्षा पर खर्च की जाएगी। उन्होंने कहा कि मैं भारत की उन लड़कियों से प्रेरित हुआ हूं जो स्कूल जा रही हैं, प्रशिक्षण हासिल कर रही हैं और नौकरियां प्राप्त कर रही हैं। उन्होंने कहा कि हमें हर बच्चे को शिक्षा का बुनियादी अधिकार देना चाहिए।

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